प्रारंभिक तैयारी
फरवरी 1983 से नवंबर 1985 के बीच सरस्वती अभियान शुरू करने से पहले व्यापक योजना बनाई गई।
10 फरवरी 1983 को कुरुक्षेत्र में वैदिक सरस्वती नदी पर एक संगोष्ठी आयोजित की गई।
इस संगोष्ठी में शोध का दायरा, विशेषज्ञ टीम और कार्यप्रणाली निर्धारित की गई।
पुरातत्व, भूगोल और इतिहास के विद्वानों ने अभियान की योजना बनाई।
लैंडसैट उपग्रह साक्ष्य
उपग्रह चित्रों में सरस्वती नदी के प्राचीन पेलियो-चैनल दिखाई दिए।
इन चित्रों का संकलन फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी में किया गया।

