वाकणकर भारती संस्क्रुति अन्वेषण न्यास
उज्जैन
मूल न्यास पत्र पंजीयन दस्तावेज क्र ११६ दिनांक ८ अगस्त १९८६
Original Trust Deed Registration Document No. 116 dated 8 August 1986
वाकणकर भारती संस्क्रुति अन्वेषण न्यास – उज्जैन एक निजी न्यास है जिसकी स्थापना पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर (हरिभाऊ) वाकणकर द्वारा 5 जुलाई 1986 को की गई।
न्यास का पंजीकृत कार्यालय वाकणकर शोध संस्थान, 21 वराह मिहिर मार्ग, माधव नगर, उज्जैन – 456010, मध्य प्रदेश में स्थित है।
न्यास का उद्देश्य भारतीय इतिहास, पुरातत्व, संस्कृति, कला और विरासत के अध्ययन एवं संरक्षण को बढ़ावा देना है।
न्यास के उद्देश्य
- सांस्कृतिक कला केंद्र एवं अनुसंधान केंद्रों की स्थापना।
- संग्रहालय, पुस्तकालय एवं रॉक आर्ट प्रदर्शनी केंद्रों की स्थापना।
- अनुसंधान प्रयोगशालाओं एवं ऐतिहासिक शोध केंद्रों की स्थापना।
- सम्मेलन, संगोष्ठी, व्याख्यान एवं कार्यशालाओं का आयोजन।
- शोध पत्र, थीसिस एवं अकादमिक पत्रिकाओं का प्रकाशन।
- चित्रकला, मूर्तिकला, संगीत एवं नृत्य जैसी ललित कलाओं का प्रोत्साहन।
- विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए सांस्कृतिक एवं अनुसंधान कार्यों का संचालन।
न्यास की इकाइयाँ
न्यास निम्न दो प्रमुख इकाइयों के माध्यम से कार्य करता है:
वाकणकर शोध संस्थान
यह इकाई प्राचीन भारतीय इतिहास, पुरातत्व, मुद्राशास्त्र, अभिलेख विज्ञान, संस्कृति एवं रॉक आर्ट के अध्ययन पर केंद्रित है।
भारती कला भवन
यह इकाई चित्रकला, मूर्तिकला, संगीत एवं नृत्य जैसी ललित कलाओं को बढ़ावा देती है।
न्यास की वित्तीय गतिविधियों का नियमित ऑडिट किया जाता है।











